सार शब्द ले बाचीयो,
मानोनी इतबारा,
संत सिंगाजी महाराज, लगय गया बाड़ी,
तू मुझको वर देना। तू अपने दरस देना। आऊंगा तेरे दरबार तू झोली भर देना।
मेला फागण को चलो खाटु धाम, की बाट उडिके है,
म्हारो खाटु वालो श्याम,
करने दर्शन चरणों में दाता जी
हम दर पे तेरे रोज आएंगे,
कृष्ण जिनका नाम हैं, गोकुल जिनका धाम है,
तेरे नाम से ऐ श्याम,
मेरा चल रहा है काम,
शेराँवाली माँ, खज़ाने बैठी खोल के
ए श्याम तेरे दर पे ही,
बिगड़ी बनी मेरी बात,
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें श्यामा….
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