मोहन जरा बता दे,
मुझको मेरे कर्म की ऐसी तो ना सजा दे….
दाता दर्श को तेरे मेरी अखियां तरसती है,
दही दे जा गुजरिया तेरा तो दही मिठो लागे….
राज तिलक का शुभ दिन देखो आया है,
नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी,
मईया जी दे, दर ते मैं, जा आई आँ,
राम करे सो होय रे मनवा राम करे सो होये ..
बस इतनी सी किरपा कर दो, मेरे उज्जैन के महाकाल,
गुरू करना बाला भोला, नुगरा नी रेवना,
गुरुदेव सहारा बन जाओ,भगवान सहारा बन जाओ।
You must be logged in to post a comment.