सरवर पानी नानी चाली रे, कानुडा नानी चाली सरवरिया री तीर ।।
जो गणपति को घर में बिठाएगा उसका घर तीरथ बन जाएगा।
थाने भगत पुकारे, गुरुजी ने अरज गुजारे,
रात भैरो बाबा की जगायेंगे अखाड़ों भैरो बाबा को कराएँगे…
मथुरा नगरी जावो तो सांवरिया, पाछा थे बेगा बेगा आंवोला।।
मैं नारायण घर ले आई अब मुझे किसी की कमी नहीं।
ग्यारस की रात फिर आयी रे, कीर्तन की रात फिर आई रे, श्याम मिलन हो रहा,
आज देवल में बाजा बाजे, बाजे मंदिर रे माई,
खटिया पे राड मचे भारी ओ मेरे बंसी वाले,
चौथ माता से मांगू वरदान सजना तेरे लिए,
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