रहे जो श्याम भरोसे उसकी, शान बड़ी कर देता है,
जबसे सांवरे तुमको पाया है, गम का अंधेरा दूर हुआ है,
माता और पिता में ही भगवान है,
श्याम नाम आठों याम, मुझको भाता है,
श्याम बाबा ने बुलाया है, हमको तो जाना है,
मेरे नैनो बसे, नैन वसे गिरधारी
मरूधर धरती में गांव पिंपासर, आया श्री नंदकुमार, लोहट जी रे आंगणिये ।।
बंदा मत करो गर्व गुमान, अमर नहीं रहणें की काया,
में फूली नहीं समाई रे भोले धन के गुमान में,
म्हाने खाटू में बुलावे म्हारो सेठ, म्हे आवा करने नौकरी,
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