श्री श्याम नाम की ज्योत जगा जो श्याम से लौ लगाते हैं,
आज डमरू बजा दे भोले।
तुम करो राजा भीम एकादशी,
ना धन दौलत है माँगी ना उपहार माँगा है,
रोज-रोज गोरा शंकर को दे रही ताना,
पीहर चली जाऊंगी ओ भोले बाबा….
तेरा गम रहे सलामत, मेरे दिल को क्या कमी है,
सुन सांवरे तेरे हम दीवाने हुए बांवरे,
राम नाम की धुन पर नाचे, होकर के ये मतवाला,
तेरी रहमत का है बोझ इतना जिसे मैं उठाने के काबिल नहीं हूँ,
जबसे मिला है तेरा द्वार,
जीवन में अब खुशियां हैं आई,
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