अलख निरंजन अद्भुत माया, जाणें ना इंसान तेरी,
नाव पड़ी मजधार मैया जी पार लगा जाओ
म्हारा चारभुजा रा नाथ, म्हारा कोटड़ी रा श्याम, मांगू
आओ घर को सजा दे गुलशन सा
मेरे बाबोसा आने वाले है
गणेश आया रिद्धि सिद्धि लाया,
भरया भण्डारा रहसी ओ राम,
राम जी के नाम का पी कर प्याला,
नाच रहे मस्ती में बजरंग बाला
श्री श्याम नाम की ज्योत जगा, जो श्याम से लौ लगाते है
कृष्ण कृष्ण बोल हरी हरी बोल
जोगन होय मैं जग ढूंढीओ, जोगीड़ो नहीं लाधो जोय
मेरे साहेबा, मैं तेरी हो चुकियां,
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