तल्या वाड़ी उपर वृष पीए, माली छाप मंजारा,
तूम मुझे यु जला न पाओगे,
माता संग जग माता के धाम ये भैया
गुरु जी की बड़ी कृपा है,
घर बार दियां परिवार दियां,
जागो ज्वाला माई जाओ माई जाओ
साँवरिया मन्ने चाकर रख लो अपने द्वार का
जरा चलके विन्ध्याचल में देखो
माता किरपा लुटाती मिलेगी।
दिन चड गे जागो महामाया लेके पूजा की थाली मैं आया,
मैया रानी कंजक बन के घर मेरे तू आजा
शिव का रूप सलोना भैरव देता सब सोगाते,
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