क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है
पता श्याम प्यारे का, बता दो सख़ी री,
अधर स्वरूपी हँसला आया, चोंच पांख नही लाया,
इस दुनिया में श्याम तू मेरा मुकाम है,
श्याम तेरे नाम से ही मेरी पहचान,
करते है तुमसे, इतना प्यार मुरलिया वाले
बंसीवाले सावरिया आजा रे
बोलो तो सही, बोलों तो सही, क्यों रुश्या हो बाबा, आंख्या खोलो तो सही,
अगर तूने दया का हाथ, सिर पर ना धरा होता,
हंसला उड़ जा, उड़ जा हंस वाली चाल, बुगलां री चाल्यां हंसला छोड़ दे।।
दर्शन करने आए, दर्शन करके जाएंगे,
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