कहाँ ढूँढू गया किस ओर,
राधा तेरी माला जपे।
सांवरे की सेवा में जो मस्ती, वैसी मस्ती जहां में नहीं है,
मेरी होगी जरूर सुनवाई, माँ तेरे सच्चे दरबार में
किया श्याम से जो वादा, मिलने का, मैं वादे को निभाने आ गई,
मैया शेरोवाली, तेरे द्वार जो आते हैं,
जबसे हुई मुलाकात बंसी वाले से, मेरे जीवन हो गए उजाले से,
तू दयालु है दाता मेरे, तेरी छाया में मैं पल रहा,
आ श्यामा मेरा मन फूला दा बना,
जटा में गंगा जी विहार करें,
भक्तों का बेड़ा शिव पार करें,
मैंने सपनोे देखो रात भाएली,
भुस ढो रही बांध गठरिया में,
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