ब्रज के नंदलाला, श्री राधा जी के सांवरिया,
अब जाऊं कहाँ मैं सांवरिया,
मेरी बिटिया चली है ससुराल,
श्याम तू संभाल इसको,
दर बालाजी के अर्ज़ी लगाले,
Humare veer bajrangi hriday me ram ko dhare,
हनुमान तेरे जैसा कोई लाल नहीं देखा,
आन वसो नंदलाल, मेरे सूने मंदिर में।
ओ म्हारा साँवरिया,
बेगो बुला ले खाटू धाम रे,
नानक नामु मिलै तां जीवां
शिव शक्ति है मेरे पास अकेली मोहे मत जानो….
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