बचपन की यारी बड़ी प्यारी,
चले आना बांके बिहारी,
मुझे मिले गुरुदेव मिटी चिंता,
कुनबे की छोड़ दई मोह ममता….
मोहे रघुवर की सुद्ध आई
रे मन फूला फूला फिरे जगत में ये कैसा नाता रे….
पता दे कोई मुझको,
मेरे प्रभु का दरबार कहां होगा,
जननी मैं ना जीऊँ बिन राम,
राम का नाम भूलियो मत ना,
गुरुजी का मान घटईयो मत ना….
आत्मा ने परमात्मा को लिया देख ध्यान की दृष्टि से
अब कैसे छूटे राम नाम रट लागी,
मोहे लागी लगन गुरु चरणन की,
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