माँ तू मेरी प्यारी माँ माँ तू जग से न्यारी माँ,
अविनाशी कैलाशी है,
कोई योगी कहे सन्यासी है,
हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं, हे गंगाधर नमस्तुभ्यं,
हम बनभौरी वाले हैं कहते घर घर ढोल बजा के
ओ रसिया मुझे दर्श दिखा दो, बांसुरिया की तान सुना दो,
जप ले राधा राधा नाम, जप लें राधा राधा नाम,
कैसे चुकाएं दातिए, एहसान तेरे हम,
आ जाओ अब कन्हैया,
मेरा दिल उदास है,
जब कोई काज रचाये, तो तुमको मनाये, तेरा ही ध्यान लगाये, गणपति गौरी लाल,
ले रोग काटिये री, माँ काली हाथ बढाकै।।
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