कान्हा मेरे गिरधर गोपाल,
खाटू में है मंदिर तेरा जग पे राज तुम्हारा है,
रख लेना तुम रख सकते हो
हम निर्धन से पर्दा
लाल लाल सिंधुर हनुमत को भाता,
Budhapa bairi koi na puche baat,
हे श्याम सुन्दर बांके बिहारी दुनिया है आई शरण तिहारी
आरुग हे कलसा दाई आरुग बाती वो
हाथ लिए धनुष वान
चढ़ चले पुष्पक विवान
गुरु पूजा का आया त्योहार सजा सतगुरु दरबार,
बाबा नाटै मत नाटै मत झोली भर दे,
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