सीता जी का सिंदूर चुरा लियो रे अंजनी के ललन ने,
अंजनी के लाल हनुमान आज मेरी रक्षा करो,
पायलिया बजनी ला दो हरी,
तुम्हारे बिना इस जगत में मैया कोई नहीं है हमारा,
सांसो की माला पे,
सिमरु मै शिव का नाम,
दिल ने दिल भरके ना देखी मूर्ति सिया राम की,
बाज्या बाज्या ढोल नगाङा कुंवर तेजा रे,
अद्भुत हैं खाटू श्याम,
हारे का सहारा बन जाते,
गले में जिसके नाग,
सर पे गंगे का निवास,
जो नाथों का है नाथ भोलेनाथ जी,
श्रीराम बुला लो मुझे भी दर पर आने के काबिल नहीं हूं,
You must be logged in to post a comment.