सिर्फ अकेला नहीं मैं जग में, सांवरिया मेरे साथ है,
शिव ने श्रृंगार किया है, गौरा क्या बाकी,
मेरे हंसा परदेसी, जिस दिन तू उड़ जाएगा,
रोती रोती गऊ माता बोली, आंख्या में पानी आया हो राम,
नित नयो लागे साँवरो, एकी लेवा नज़र उतार, नज़र ना लग जावे,
यूँ तो क्या क्या नज़र नहीं आता, कोई तुमसा नज़र नहीं आता।।
थारे मन में सीताराम, म्हारे मन में थारो डेरो,
जो भी मांगो मिलेगा तुमको, ऐसा ये दरबार है,
हारे का सहारा बाबा श्याम है, खाटू में बना तेरा धाम है,
रुणिचा बुलाले रे बाबा, मेला में बुलाले,
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