मेरे शीश के दानी होना कभी मुझसे दूर,
हारे के सहारे होना कभी मुझसे दूर।
सुनो हिमाचल अब जिद छोड़ो मान लो मेरी बात,
गौरा तो जाएगी भोले बाबा के साथ।
तू राधा नन्दलाल होवा मैं, हरदम तेरे नाल होवा मैं,
दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे,
दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे।
म्हारो बीरो आयो, बनकर के कृष्ण कन्हाई जी,
वीर बजरंगबली, मुझे तेरा सहारा है, माँ अंजनी के लाल, तूने लाखों को तारा है,
जिसकी लागी लगन भोलेनाथ से, वो डरता नहीं किसी बात से,
जब तक सांसे हो मेरी, रहे खाटू आना जाना, अपने इस बेटे को बाबा, दिल से नहीं भूलाना
ना मांगू मैं हीरे मोती, ना मांगू मैं सोना चांदी, मांगू तो बस तेरा साथ,
हो दिल फूलों से बनाया मेरी माँ,
फ़ूलाँ की क्यारियाँ ने चरण लगा।
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