पीके शंकर सी की बूटी अखियां खुल गयी निंदिया टूटी,
श्याम प्रभु की रीत है सदा दिलाता जीत है।
भूतेश्वर ने ध्यालो जी, सोया भाग्य जगा लो जी,
तुझको जिसने भी मुसीबत में पुकारा भोले,
हर मुसीबत में दिया उसको सहारा भोले।
अवध बिहारी हो, हम आए शरण तिहारी,
भोला और गौरा की जोड़ी लगती खूब क़माल,
पर्वत कि ऊँची चढ़ाई रे,
भोले तेरे दर्शन को आई रे।
भूलो मती रे बंदा भूलो मती, माता पिता रो एहसान रे नादान, मनवा भूलो मती ।।
मेरे घर में है शिव जी पधारे,
देखो जागे है भाग्य हमारे
सुबह सुबह जो नाम जपेगा शिव भोले भंडारी का,
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