कर्मन की गति न्यारी ,कैसे लिखूं मुरारी।
साँसा री डोरी म्हारी मनडे री माला।
हम श्याम दीवाने हैं, श्याम की मौज में रहते हैं।
घर से मैं लाया दो रोटी सांवरे ।माना यह काफी ना होगी सांवरे।
एक अरज मेरी सुन लो, सरकार मेरे दाता
काशी नगरी में उड़ रही धूल ,धूल मोहे प्यारी लगे।
जो मैं होता सांवरे मोर तेरे खाटू का।
म्हारी लागोड़ी लगन मत तोड़ रे, सांवरा गिरधारी।
काका ताऊ मेरे भाई भतीजे,चाले करण सगाई। खटक मेरे डमरू आले की।खटक मेरे डमरू आले की। एक वन चाले दो वन चाले, भोला दिया दिखाई।एक वन चाले दो वन चाले, भोला दिया दिखाई।खटक मेरे डमरू आले की।खटक मेरे डमरू आले की। भोले ते भाई सुथरा घणा से, गोरा की करो सगाई।भोले ते भाई सुथरा घणा […]
तेरे मंदिर में जाना मेरा काम है ।और मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है।
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