लडडू गोपाल प्यारा लडडू गोपाल,
करता कमाल प्यारा लडडू गोपाल,
तेरा गम रहे सलामत,
मेरे दिल को क्या कमी है,
साँवरा सलोना तेरे हरदम पास है,
कृष्ण कन्हैया मेरा दिल ले गया,
बदले में मीठी मीठी यादें दे गया।
प्रेम का धागा तुझको कान्हा आई हूँ मन बांधने,
हनुमान जी मिलेंगे, राम राम बोल,
हार के जग से खाटु जो आया,
बाबा ने उस को गले से लगाया,
पावन चरण तुम्हारे ओ मन मोहन चितचोर,
जब जब लिया सहारा तेरा बिगड़े बने मेरे काम
भोले बाबा ने यु ही बजाया डमरू,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।
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