श्याम सुंदर मेरे हारा वाले क्यो खड़े हो मुख मोड़ के,
जग में कौन पुरुष कौन नारी, माने भेद बताओ ब्रह्मचारी,
जन्मे जन्मे री मथुरा में नंदलाल, शोर जग में भारी।
ललना को पलना झूला रही रे देखो यशोमती मैया,
Tera makhan kiwe churawe shyam mera Nika jeha,
बोली बोली रे मुरलीया राधे राधे,
मोरपंख माथे पे जड़ा और होठो पर मुस्कान रे,
मीरा गिरधर आगे नाची घुँघटा खोल खोल के।
यो नटवर नंद का लाल मेरे मन बस ग्यो रे,
सारे मोहल्ले में ये हल्ला हो गया,
मैया यशोदा के लल्ला हो गया।
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