लेनी ये म्हारी छोटी तुलसा, सांवरिया रो नाम ये।
मैं तो फस गई मकड़ी रे जाला में ,नहीं फेरी राम थारी माला ने।
जो बोले जय श्री श्याम उनकी झोली भर देना।
मैं तो बोई औ गुरुसा म्हारे आंगन तुलसा।
थारी रे जटा में गंगा प्यारी लागे।
अंखियां हो रही लाल गुलाल,श्याम मेरे घर कब आओगे।
मेरे सुन भोले शंकर तु तेरे संग मोहे है जीना
मन वृंदावन जो जाए, तो राधा राधा गाए।
हाय करेले से कड़वी हमारी ननदी।
जागो जागो बजरंगबली, मैं तुम्हें जगाने आई।
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