रूप है जिनका हनुमत जैसा, देव न कलयुग में कोई ऐसा,
कुण मांडी दादी, हाथा में मेहंदी थारे सोवणी,
मेरी बनी सरताज जी,
ज्योत जला के,
पूजा करके,
माँ शेर पे चढ़ के आई,
जयकारा गूँजे गली गली,
मुझको भी सांवरे का प्यार मिले, दुनिया का प्यार मिले ना मिले।
तेरे चरणों का मैं प्रेमी हूँ, एक नज़र करदे,
हर घडी भोले दिल में, रहा कीजिये,
हम तो श्याम जी के, श्याम जी हमारे,
मेरी भोले से हो गई बात, लेके आयेंगे वो बारात, गौरा मेहंदी लगाओ,
ओ मेरे खाटू वाले, हम हैं तेरे दीवाने,
खाटू में आया पहली बार बाबा श्याम,
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