मेरी लगी हरी से डोर भजन में बैठ गई।
करदो नाम दीवाना जी,
अब करदो नाम दीवाना,
तू डूबा हुआ तर जाएगा,
मुख से राम राम बोल,
ले राधा का नाम अमृत बरसेगा,
हरी हरी तुलसा का जग में बड़ा नाम है।
काला काला सांवरियां हरी हरी तुलसी
हळवा थे बोलो,
साँवरियो सूत्यो काची नींद में,
तेने कहा लगाई इतनी देर अरे ओ सावरिया,
चुनर मेरी नयी नयी कान्हा अरे मत इसपे तुम रंग डारो,
घोट के पी, या छानी हुई पी, या तेरे भक्तों के हाथों से पी,
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