जन्मे प्रभु श्याम कन्हाई है,
सारे जग में खुशियां छाई हैं,
म्हारो बाबो म्हारे सागे,
ओ फिर मन्न डर,
काई बात रो लागे,
इन दो आंखो से,
श्याम तुझको कितना देखूँ,
बाबा का जन्मदिन आया,
सब झूमो नाचो गाओ,
राधा कहने लगी अपने घनश्याम से, तेरा मुरली बजाना गजब हो गया।
बधाई तुमको हो सरकार, ओ मेरे बाबा लखदातार
श्याम सांवरिया,
सज धज बैठा,
खाटू के दरबार में,
बाबा जी नैण रसीला,
ज्यूँ अमृत का प्याला जी,
मालिक म्हारों साँवरियो,
बण गयो मैं तो चाकरियो,
बलिहारी रे बलिहारी,
बिहारी तेरी यारी पे,
वारी रे मैं तो वारी,
You must be logged in to post a comment.