मोहन कहा जाए या माधव कहा जाए
तेरी द्रोपति बहनिया हो रही नगनिया, आज देखेंगे सारे राजा
मेरी नैया पार लगा दे बाबा लाल लंगोटे वाला।
छाप तिलक सब छिनी रे मोसे नैना मिलायी के,
जाने वो कौन सी ग्यारस होगी,
दो छोटे छोटे घर है जिसे नैना कहते हैं।
भंगिया पी कर बैठे गौरा के पिया।
भजन बिना मेरी सुनी है उमरिया हरे रामा सिया रामा।
शंकर जी का डमरू बाजे
पार्वती का नंदन नाचे
मैंने जावण दे भरतार, मेले में खाटू जाऊंगी
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