जन्मदिन आया रें मेरे श्याम धणी का, नाचो गाओ रे,
अंजनीसुत केसरी नंदन ने, श्री राम के कारज सारे है,
दूल्हा बने हैं बाबा खाटू की नगरी में।
आया श्याम का बुलावा,
मन खाटू जाण दो,
सारे जगत में धूम मची है,
मेंहदीपुर वाले की
प्रेम से बुलाओ,
श्याम आएंगे,
करूणां भरी निगाह से,
देखा जो आपने,
बता दे हमें श्याम कब तक,
ये तरसेंगें नैना हमारे,
कलयुग सज धज के आ गए धर्म धरती में समा गए।
तुझ बिन सुना है कैलाश,
शिव ढूंढे जोगी बनकर रे,
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