हे जीके राम नाम का खटका वो नहीं जगत में भटका,
कैसी उल्टी गंगा बहाई कन्हैया तेरी दुनिया में।
यमुना में डोल रहे सांवरिया कैसे भरूं जल गागरिया ।
केशो में गंगा है माथे पर चांद
कर दे कृपा की मुझ पर नजर सांवरे
कृष्ण का जन्म हुआ नंद के घराने में
बजरंगी हनुमान द्वार तेरे आए
तुलसी महारानी का नाम सवेरे उठ के लेना।
ऐसी समाधि लगाई रे मेरा भोला ना जागे
हरे कृष्णा का जप कर ले तूं जीवन भर सुख पायेगा
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