राधे राधे जपले रे घनश्याम चले आयेंगे,
जो लिखा नहीं तकदीरों में, जो रचा नहीं तस्वीरों में।
चल खाटू चलिए। चल खाटू चलिए। चल खाटू चलिए।
जो राम नाम गुण गाता है। जीवन में बड़ा सुख पाता है।
चलो चलो जी,
खाटू को चलो चलो जी,
कन्हैया अजब लिखी तकदीर,
बन्ना मेरा पूछे के बन्नी मेरी कैसी
मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,
में कहां तक करूं बड़ाई श्री बालाजी सरकार की।
कैसे करोगे बेडा पार हरी राम भजन में तो भूल गयी।
You must be logged in to post a comment.