में तो पग पग फूल बिछाऊं,बालाजी ने आंगने बुलाऊं
ऐसा क्या काम किया हमने तेरा।
जी कर रहा है आप पे, ये जान वार दूं।
तुमको रामायण की रेल में घुमाऊं सांवरिया।
नाम तुम्हारा रटते रटते राधा के अब बीते दिन,
आज मंगलवार है बालाजी का बार है चलो चले हम मंदिर में किसका इंतजार है,
जटा में गंगा गले भुजंगा,हाथ तेरे त्रिशूल है
थोड़ा राम ने भजो ये म्हारी जीभडली
मैं तो बैठ गई कृष्ण बिना टिकट गाड़ी मे।
ज्यादा उड़ने वालों के पर ,यह काट देता है।
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