कठे मिलेगी ऐसी तगड़ी लौनी
जासे थारी निजरा उतरेगी,
ऐसा बुढ़ापा आया रे धोखा दे गयी जवानी।
सजने का है शौकीन, कोई कसर ना रह जाएँ,
मेरा बहुत बड़ा परिवार,
लाज मेरी रख जइयो सांवरिया,
दिल तो मेरा लूट लिया काले ने,
काले ने मुरली वाले ने….
बड़ी जादूगर है सांवरिया तोरी करि अंखिया,
मन पे मेल चढ़ाया रे पगले क्यों मांजे इस तन ने।
घूंन गये सब बांस,
बंगला पुराना है गयो,
श्यामा मां जो तेरी पद रज ही मिल जाए
सेठो के सेठ हो तुम मेरे श्याम धणी,
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