हनुमान के श्री चरणों में ,संकट कट जाते हैं।
लेकर तराजू शिव बैठे हैं, तोले सब की भक्ति
नागर नंद जी रा लाल, वासुदेव जी रा लाल
जय रुद्र देव महादेव, देवों के देव महादेव।
तेरे नाम से शुरू तेरे नाम पे खत्म।
दीनबंधु दीनानाथ मेरी शुध लीजिए
तर्ज,म्हारी सोन रे चिड़ी कारीगर मत ना भटके रे,मुसाफिर तू क्यूं भटके रे ।कर मालिक ने याद काम थारो,कदे नी अटके रे । कारीगर पथर घड़े,पथर में पायो छेद ।छेद माँहि कीड़ो जीवतो रे,नहीं जीवण री उम्मीद ।के मुख माँहि दाणो लटके रे,कर मालिक ने याद काम थारो,कदे नी अटके रे । कारीगर किरतार ने […]
भज ले श्याम, शायद यह जीवन, दोबारा मिले ना मिले।
ओ बाबा करम कर
चोखी लाया गुरूसा म्हारी ज्ञान माला
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