अरी, चितचोर लियो है कन्हाई
तन मन की सुध बिसरायी।
म्हारे मीरां रो महाराज ,ऊभा रहजो ।
प्रेम से बोलो सुबह शाम जय हो तेरी खाटू वाले श्याम।
सात फेरों का वचन निभाना, मेरी लाडो का दिल ना दुखाना।
कहीं खेलन निकल गए हमारे कान्हा।
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान जगत में ग्यारस बड़ी महान।
मीरा के गिरधर तुलसी के राम
श्याम भक्तो के घर जाये पर मेरे घरा ना आए।
जनम जनम का दास हूँ श्याम मैं तुम्हारा,
मैं हार गया मैं हार गया तू क्यों चिल्लाता है,
You must be logged in to post a comment.