महादेव दया करके मुझको अपना लेना,
जिसका कोई नहीं उसका तो श्याम है यारो
सुख देने वाले, दुख हरने वाले,
ऐसे गणराय को सबका प्रणाम,
माता रानी ने पुकारा चलो सा रा रा रा
डमरू वाले बाबा चले व्याह रचाने,
ओ तो संसार बीरा घड़ी पलक रो मेलो,
ठाकुर भले बिराजे जी। छोटी सी जगन्नाथपुरी में भला बिराजे जी।
श्याम तेरा सुंदर सा दरबार मेरा नाचन ने जी करग्या।
बोले मेरा सतगुरु अमृत वाणी ,
मैं तेरी राधिका,
तु कान्हा मैं तेरी राधिका
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