मत कर चिंता पगले हालात सुधारेगा।
भर आई राधा की अखियां अब तो आई मिलो घनश्याम।
आज बड़ी ठंडी बचे रहियो कान्हा।
मेरी तो बस पहचान है,मेरा खाटू वाला श्याम।
म्हारां सतगुरु आंगण आया,
वारी जाऊं रै,
नैनों का नही कसूर याद तेरी आवे रे सांवरिया।
थारा टाबरिया ले आया मोटा आंसू सांवरा।
खुशबू आती है सरकार तेरे दर से बाबा श्याम खुशबू आती है
गणनायक राजा,
राखो सभा में म्हारो मान।।
बन गये बन गये रे भतैया घनश्याम
पट्टे पर ठाड़े बनवारी ।
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