मेले में जाऊं तो म्हाने मिले पुराना रसिया सा।
कागलिया म्हाने क्यूं सतावे रे।म्हारो परणोडो बसे है परदेश, परदेशीडा ओल्यूं थारी आवे रे।
टूटे बाजूबंद री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
खाटू वाला मेरा एकलौता रिश्तेदार है,
तेरी आँखों का हर आंसू सांवरा मोती कर देगा
होरी के रसिया से ये कहदो हम बरसाने वाले है,
श्याम बाबा के दर्शन करे जाएंगे।
बन्ना फैशन करूंगी मनमानी
अंजनी के लाला थारो सालासर धाम है
राधा हमारी को छोड़ मत जाना।
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