ढोलक पीतल की मंगवा दे टना टन बाजे लांगुरिया।
मेरा तार हरी से जोड़े,
ऐसा कोई संत मिले,
हे कालरात्रि, हे कल्याणी
तेरा जोड़ धरा पर कोई नहीं
तूने सारी कमाई लुटाई लांगुरिया, अदालत में दावा करुंगी लांगुरिया।
चांदी की चौखट और सोने की किवाड़िया। जामे बैठी है भवानी,
मुझे ले चलिए हनुमान मैया के अब कीर्तन में,
कीर्तन कर ले मैया का कीर्तन कर ले।
पगल्या मांड दो माताजी म्हारे आंगनिए रे माय
कहने को साथ अपने एक दुनिया चलती है
भला हुआ मोरी गगरी फूटी, मैं पनियां भरन से छूटी,
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