चरणों में तेरे जाऊं बलिहारी हे कृष्ण गोविंद माधव मुरारी
लेके अर्जी बाबा जो भी खाटू धाम आए,मन इच्छा फल पाए
आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन
भरोसा कर करके पछताई।भरोसा कर करके पछताई।
थोड़ा राम ने भजो हे मारी जीभ जड़ी।
एक बात कहूं मैया पर जी घबराए से
हरि कीर्तन से दिल ना चुराना, इस जीवन का क्या है ठिकाना।
मैंने खुद को श्याम हवाले करके छोड़ दिया है।
हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर।
कदे सेवा करीना मां-बाप की, कद बोले ना मीठे बोल, क्यों कर मिल जा राम जी।
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