गलियों में फूल बिछा दो मेरा सेठ सांवरा आएगा
छोटी सी कुटिया मेरी आने में क्या है देरी
मेरा मन पंछी ये बोले उड़ वृन्दावन जाऊँ
नौ नौ दिन मां बारह महीने होने चाहिए नवराते।
संकट में बेरा पाटे से अपने और बीराने का।
मेरे ह्रदय बिच शिव जी का प्यार लिखना
गरीबी चीज गजब की है अगर कहीं श्याम सा यार मिले।
डमरू वाले में तेरा नाम लिया करता हूं
तू रानी राजघराने की,
हट छोड मुझे तू पाने की,
हार गया मै इस दुनिया से,
अब तो बाबा गले लगा ले,
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