बीरा सपना में मत कीजे माया रो अभिमान
सांवरिया थारो सेवक अर्जी लगावे जी
श्यामा दर तेरे जबसे आना जाना हो गया।
तेरे ही भरोसे हैं हम
तेरे ही सहारे
में बावरी तेरी हूं मुझे दुनियां से क्या लेना है,
नारद ने झगड़ा करवाया गाय गंगा में बिन कारण
चुमाबहू है लालना धीरे धीरे।
पहले गणेश मनाओ, मनाओ रे बन्ना।
बन्ना खुद है भोला भाला, बन्नी लाया फूलझड़ी,
सुरमा गुरुज्ञान वाला,
अखियों में ऐसा डाला,
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