इत्र लगाए श्याम धनी महके खाटू की गली गली।
चलो प्रेमियों बनाके टोली आज बुलावा आया है।
श्याम तुम कब आओगे,
मुझे शरण तुम्हारी सांवरिया मेरा और कोई संसार नही
थारी हो रही जय जयकार श्याम तुम क्यों नहीं आते हो।
तिरिया सात जन्म दुख पावेगी जो पति से दगा करेगी।
उसकी नैया कभी डूबे नही,जो श्याम शरण में जायेगा
सुणल्यो सुणल्यो जी,
कानुड़ा म्हारी बात,
खाटू वाला श्याम मेरा खाटू वाला श्याम।
सिया बोल सिया बोल सिया सिया बोल,श्री राम राघव सिया सिया बोल।सिया बोल सिया बोल सिया सिया बोल,श्री राम राघव सिया सिया बोल। सिया बोल सिया बोल सिया सिया बोल,सिया बोल सिया बोल सिया सिया बोल,सिया बोल सिया बोल सिया सिया बोल,सिया बोल सिया बोल सिया सिया बोल,श्री राम राघव सिया सिया बोल।श्री राम राघव […]
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