करियो भजन दिल खोल के क्या करोगे माया को जोड़ के ।करियो भजन दिल खोल के क्या करोगे माया को जोड़ के । ये माया मैंने बेटो के लिए जोड़ी बेटो ने ले ली सिर फोड़ के क्या करोगे माया को जोड़ के ।करियो भजन दिल खोल के क्या करोगे माया को जोड़ के । […]
काँटो लाग्यो रे सतसंगत में म्हारे खड़क रह्यो ओ दिन रात।
उंगली आपस में बतलाए बहने तो है,
काहे को अभिमान
मेरे महाकाल सरकार मैं तेरी शरण में आया।
महाकाल सरकार मेरे,
महाकाल सरकार,
तुम रटो हरि का नाम, ओ नाम दो घड़ी सत्संग में जाया करो।
मिथिला नगरिया की चिकनी डगरिया से,चिकनी डगरिया से धीरे-धीरे,
यह जग तो गिराएगा तुझे वही उठाएगा। भरोसा कर ले जरा।
जब से किया नमन कि मेरे भाग खुल गए।
Ma sharde o maiya hum to hai balak tere,
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