श्याम धणी पत राखणियो,
राखणियों,
म्हारी गाड़ी को हाँकनियो।
लेलो राम नाम का शरना रे होजा सफल कमाई।
भोले बाबा ने डमरू बजाया गौरा को ब्याहने आया,
मत बाओ जी शब्द रा बाण गुरूजी म्हारे लाग जावेली,
अरे रे ठिकानों लाध्यायो सुख साता को।पचकुंडा कने बनियो आश्रम सतगुरु दाता को।
बाबा श्याम धनी हितकारी हारे का सहारा श्याम।
दोनों हाथ लुटाए बाबा लखदातारी रे,
क्या करते? भोले से प्यार जी।
कर दो मेरा भी उद्धार।
श्याम मेरा बाबा मेरा,
मेरा तेरे भरोसे डेरा।
You must be logged in to post a comment.