तीरथ है धाम है, गुरुवर आपके चरणों में
शब्द नहीं जो बोल सकूं यह रिश्ता क्या कहलाता है।
भजन बिना कोई न जागै रे, लगन बिना कोई न जागै रै।
मिट्टी दा बनाया हो गणेश, बनाया हो गणेश, गोरा तेरा हो लाडला।
अंगना में ढोलकी बजे कीर्तन का बहाना है।
सुरता होजा नी भजन वाली लार,
दिखाऊँ थाने राम नगरी,
मेरा दिल तो श्याम ने लूट लिया, लूटवा दिया राधारानी ने।
भोले ने तैयारी कर ली हरिद्वार के लिए
गुरु जी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में,
कर दो मेरा भी उद्धार,
नैया डोल रही मजधार,
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