आओ आओ मारी कुलदेवी मां भगत थाने याद करे।
जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर कि छाया
आता ही होगा सांवरा आता ही होगा।
तेरा बिरहन नैण उघाड़ एरी बावली ए गयो तो जमारो हार
भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी
पार्वती तेरा भोला जगत में सबसे निराला है,
सालासर से लाई बीजना,
सोना लागों मारा सावरा, रूडा रूपाला।
पूरब से जब सूरज निकले सिंदूरी घन छाए,
ओ मन बड़ो जबर रे संता,
ओ मन बड़ो जबर रै,
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