तर्ज, थाली भरकर लई खिचड़ी ब्रह्मलोक में ब्रह्मा नाचे शिव नाचे कैलाश में। सांवरियो गिरधारी नाचे वृंदावन के रास में।ब्रह्मलोक में ब्रह्मा नाचे शिव नाचे कैलाश में। सांवरियो गिरधारी नाचे वृंदावन के रास में। ऐसी मुरली बजाई रे सांवरा, मीठी-मीठी राग में।ऐसी मुरली बजाई रे सांवरा, मीठी-मीठी राग में। पागल हो गई सांवरा, थारी मुरली […]
तेरे दरबार आए हैं ,जहां से हार आए है। खाली न जाएंगे, खुशियां ले जाएंगे, जिद पर अड़ जाएंगे। ऐसे ना जाएंगे ऐसे ना जाएंगे,ऐसे ना जाएंगे ऐसे ना जाएंगे,ऐसे ना जाएंगे ऐसे ना जाएंगे, ठोकर जो खाई है संसार की, चौखट दीखी फिर तेरे द्वार की।ठोकर जो खाई है संसार की, चौखट दीखी फिर […]
मासी माँ की छाया, माँ का वो दर्पण।मासी माँ की छाया, माँ का वो दर्पण।गोद में उनके गुज़रा, मेरा सारा सारा बचपन।गोद में उनके गुज़रा, मेरा सारा सारा बचपन।दूर रहकर भी उन्हें, रहती मेरी फ़िक्रमेरी हर उदासी की, रखती है वो खबरदिल में यू छलके है, ममता का सागरमासी में झलके है, माँ के दो […]
सुना यह आंगन और सुना ये मन। गुरुवर न जाओ यही कहती है धड़कन। तुम छोड़ कर जाओगे, हम सबको रुलाओगे। यादों के मीठे पल हरदम याद आएंगे। प्यारी गुरुवाणी है ,बड़ी ही सुहानी है। आज है विदाई गुरुवर, आंसू की रवानी है।सुना यह आंगन और सुना ये मन। गुरुवर न जाओ यही कहती है […]
मेरा नाम कान्हा चुराता हूं मैं माखन। किसी का हूं सखा में, किसी का हूं साजन। मैं छोटी सी उंगली पे,श्री गिरिराज उठाता हूं। मैं राधे-राधे कह कहके हर पल में सिखाता हूं। मैं जय जय मुरली वाला हूं।मैं जय जय मुरली वाला हूं।मैं जय जय मुरली वाला हूं।मैं जय जय मुरली वाला हूं। लगे […]
उत्सव तेरा मनाए दादी, आए तुझे रीझाने को। दादी के रहते क्या चिंता दादी के दीवाने को।दादी के रहते क्या चिंता दादी के दीवाने को। जब राह दिखे ना कोई, हम सीधा झुंझुनू आते हैं। हर साल तेरे उत्सव में, हम लांबी धोक लगाते हैं।जब राह दिखे ना कोई, हम सीधा झुंझुनू आते हैं। हर […]
तर्ज, तुम्हीं मेरे मंदिर मेरे मन के मंदिर में मूरत है श्याम की। आंखों में बस गई सूरत है श्याम की। जमाने की मुझको परवाह नहीं है। दीवानी हूं मैं खाटू वाले के नाम की।मेरे मन के मंदिर में मूरत है श्याम की। आंखों में बस गई सूरत है श्याम की। दुनिया के दर्द गम […]
अरे नहावती धोवती मंदिर जाती, नित उठ दर्शन दर्शन करती ओ राम। पांच नाम हरि का लेवती, फिर घर में आवती हो राम। अरे उठो सासु खोलो किवाड़ी, म्हाने कलेवो गालों ओ राम। भूखे घर की राधा प्यारी, धाप्या घरों में आई ओ राम।अरे नहावती धोवती मंदिर जाती, नित उठ दर्शन दर्शन करती ओ राम। […]
तर्ज, पालकी में होकर सवार चली रे वह बुला रहा कैसे रोक लूं, मैं तो चला खाटू धाम, खाटू धाम। हाथों में लेकर निशान चला रे ,मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे।हाथों में लेकर निशान चला रे ,मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे। हाथों में लेकर निशान चला रे ,मैं तो […]
हमारे साथ है श्री राम तो, किस बात की चिंता।हमारे साथ है श्री राम तो, किस बात की चिंता। शरण में रख दिया जब माथ ,तो किस बात की चिंता।हमारे साथ है श्री राम तो, किस बात की चिंता।हमारे साथ है श्री राम तो, किस बात की चिंता। मेरे श्री राम के दर पर संवर […]
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