हे गोरा तोरो सजनवा ना।
जाने अभी न दूंगा,
तेरे चरणों में अब तो ठिकाना है मेरा।
तूं ना सम्हाले तो हमें कोन सम्हाले।
लीलन म्हारी बावली ए , मत आसूड़ा तु ढलकाय।
माई री मैं तो आजु परी निधि पाई।
सिंगारदानी छोटी हाय दईया दईया
खोलो पट मंदिर रा मीराबाई, दर्शन ने आयो राणा आज।
कोई मण कहियो रे साँवरियो घर आवन की
मनवा खेती करो रे हरी नाम की
You must be logged in to post a comment.