लहर लहर लहराए रे भोले बाबा की गंगा।
थोड़ी देर रुक जाइयो कावडिया हमरी नगरिया मे।
कैसे बने ठने बैठे हैं,भोला पार्वती के संग।
बालू रेत माही भागो भागो जाए यशोदा मैया तेरा यह कान्हा
श्यामा जू मेरी श्यामा जू मेरी प्यारी-प्यारी श्यामा जू।
भांग तेरी घुटती नहीं सुनले नाथ।
मेरे दिल का खिलौना ले गए, नहीं आए संवरिया बेदर्दी
शिव भोला भाला, नीलकण्ठ वाला, पर्वत पे धूनी रमाये
भाई बहन का हैं त्योहार राखी
रघुकुल प्रगटे हैं रघुबीर
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