मैं सुपने च माँ दे मंदिर गयी,
कैलाश में डमरु बजा के देख लो, नाचते हैं भोले नचा के देख लो।
मुझे आपने बुलाया यह कृपा नहीं तो क्या है।
मैं तो भोले बाबा का,दिल से ग़ुलाम हो गया
जिन्होंने हमे प्यार करना सिखाया उन्ही व्यास नंदन की जय बोलते हैं ।
तेरी हीरा जैसी श्वांसा बातो में बीती जाये रे
मैं तेरा हो रहा हूं तुझे प्यार करते करते।
अरज करू मैं एक तुमसे है शिव शंकर शंभू।
जो काशी नगरिया गया नहीं वह भोले की महिमा क्या जाने।जो काशी नगरिया गया नहीं वह भोले की महिमा क्या जाने।वह भोले की महिमा क्या जाने,वह भोले की महिमा क्या जाने,जो काशी नगरिया गया नहीं वह भोले की महिमा क्या जाने।जो काशी नगरिया गया नहीं वह भोले की महिमा क्या जाने, मेरे भोले के सिर […]
सीता माता की गोदी में हनुमत डाली मूंदड़ी
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