बज गया डमरू आज ओ गोरा तेरे भवन में
राम मिलया मोहन कद आसी मथुरा नगरी शहर में।
लंका से मैं आया हूँ ये बोले हनुमान। रोती है जनक दुलारी क्या भूल गए भगवान
जय भोले भंडारी बाबा जय भोले भंडारी, तेरी लीला न्यारी बाबा तेरी लीला न्यारी।
बोले बोले रे राम चिरैया रे बोले रे राम चिरैया
गणपति जी तुमको हम दिल से बुलाते है
वृंदावन मुझको बुला ले मेरे मोहन ,दौड़ी-दौड़ी आऊंगी मेरे बांके बिहारी
बसहा चढल मतवलवा गे माई शंकरजी दुलहवा
कितना प्यारा है नागों वाला हार भोले। तेरे हारों पे जाऊ बलिहार भोले
राम नाम लड्डू गोपाल नाम घी, हरि नाम मिश्री तू घोल घोल पी
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