मेरे श्याम जी के चेले हर दम नोटों में खेले
वो तो ज़िन्दगी बताये बड़े ठाट से,
म्हाने सावन महीने लहरियो मंगा दे मारा सांवरिया,
कवारी होती तो पीपल पुजती,
लागो हथलेवा रो पाप,
हर हर भोले नमः शिवाय बोलते चलो।
श्री शिवाय नमस्तुभ्यम तुम बोलते चलो।
अंजनी का लाला ओ बजरंग बाला,कोई ना तुमसा बलि,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,कलाई टूट जाएगी,
मेरी सुनलो मारुति नंदन,काटो मेरे दुख के बंधन
कन्हैया तुम को देख के दिल झूम जाता है
आये अंजनी रतन हम तो तेरी शरण,
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